तेरे जाने का ग़म - Tum Hi Aana

Tum Hi Aana - Jubin Nautiyal Lyrics

Singer Jubin Nautiyal

तेरे जाने का ग़म और ना आने का ग़म
फिर ज़माने का ग़म क्या करें?
राह देखे नज़र, रात भर जाग कर
पर तेरी तो ख़बर ना मिले,

बहोत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना
इरादे फिर से जाने के नहीं लाना, तुम ही आना

मेरी देहलीज़ से होकर बहारें जब गुज़रती है
यहाँ क्या धुप, क्या सावन, हवाएँ भी बरसती हैं
हमें पूछो क्या होता है, बिना दिल के जिए जाना
बहोत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना

कोई तो राह वो होगी, जो मेरे घर को आती है
करो पीछा सदाओं का, सुनो, क्या कहना चाहती है?
तुम आओगे मुझे मिलने, ख़बर ये भी तुम ही लाना
बहोत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना




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